बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)।विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और जीवन-कौशल विकसित करने के उद्देश्य से बेसिक पीजी कॉलेज, बीकानेर की पॉडकास्ट सीरीज की दूसरी कड़ी मंगलवार को महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित हुई। कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर, लाइफ स्किल्स कोच एवं ईसीबी कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण और सफलता के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।
पॉडकास्ट का संचालन एमएससी प्राणिविज्ञान की छात्राओं जयश्री राजपूत एवं वंशिका सोलंकी ने किया। संवाद के दौरान जीवन की चुनौतियों, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन, अनुशासन और प्रभावी संवाद-कौशल जैसे विषयों पर चर्चा की गई। डॉ. श्रीमाली ने विद्यार्थियों को चुनौतियों को सीखने का अवसर मानने और निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, सकारात्मक दृष्टिकोण, भावनात्मक संतुलन और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विषयगत ज्ञान के साथ समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता और व्यवहार-कौशल भी जरूरी हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने बताया कि पॉडकास्ट सीरीज का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक जीवन-कौशल से जोड़ना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाना भी है।
महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रामजी व्यास ने कहा कि पॉडकास्ट सीरीज के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षण पद्धति से आगे बढ़कर नए विचारों, अनुभवों और समकालीन विषयों से जोड़ने की पहल की गई है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्लेषण, स्वतंत्र चिंतन और प्रभावी अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने में सहायक होते हैं।कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ के अनुभवों से सीखने और अपने व्यक्तित्व को निखारने का अवसर मिला। महाविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।








