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एक महीने तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद सोहनलाल सुवालका ने तोड़ा दम, चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

भटेड़ा/घुमन्तु दर्पण(दिनेश कुमार सुवालका)।भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा क्षेत्र में आरणी गांव के पास 21 सितंबर को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल बल्दरखा निवासी सोहनलाल सुवालका (47) का उपचार के दौरान निधन हो गया। वे करीब एक महीने से भीलवाड़ा और अहमदाबाद के अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। बुधवार, 21 अक्टूबर को उनके निधन की खबर मिलते ही बल्दरखा गांव में शोक की लहर छा गई। सोहनलाल अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों को छोड़ गए हैं।

दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में हुए थे घायल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर 2026 की सुबह आरणी गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई थी। हादसे में सोहनलाल सुवालका गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल शाहपुरा चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर भीलवाड़ा रेफर कर दिया गया।

भीलवाड़ा से अहमदाबाद तक चला उपचार

भीलवाड़ा में उपचार के दौरान सोहनलाल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सिम्स अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद परिजन बेहतर उपचार की उम्मीद में उन्हें गुजरात के अहमदाबाद लेकर पहुंचे, जहां राजस्थान अस्पताल और सिविल अस्पताल में उनका इलाज कराया गया। चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए लगातार प्रयास किए और आईसीयू में रखकर उपचार किया, लेकिन गंभीर चोटों के चलते बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। निधन की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

सोहनलाल के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके परिवार में बड़ी पुत्री पूजा सुवालका (18), आरती सुवालका (15), अंतिमा सुवालका (12) और सबसे छोटा पुत्र किशन सुवालका (10) हैं। पिता की मौत से चारों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के एकमात्र मुख्य कमाऊ सदस्य के चले जाने से अब बच्चों की पढ़ाई, पालन-पोषण और भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया है। परिवार के इस दुखद समय में ग्रामीणों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। बच्चों की आंखों से बहते आंसू देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

सोहनलाल का शव पैतृक गांव बल्दरखा पहुंचने पर पूरे गांव में शोक छा गया। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद स्थानीय मोक्षधाम में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।

Ghumntu Darpan
Author: Ghumntu Darpan

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