शादी-ब्याह और त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी, बीकानेर में तस्करी की आशंका
बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। शादी-ब्याह और त्योहारी सीजन में सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन बढ़ती कीमतों के बीच मिलावट की आशंकाएं भी उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रही हैं। सोना भारतीय संस्कृति में आभूषणों के साथ निवेश का भी प्रमुख माध्यम है। ऐसे में इसकी शुद्धता में गड़बड़ी उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है।
सोने-चांदी के दामों में तेजी के बीच बाजार में मिलावट और तस्करी से जुड़ी शिकायतों पर निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है। बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुछ आभूषणों में निर्धारित मात्रा से कम कीमती धातु होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र जांच के बिना इन्हें प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
कम वजन के गहनों की शुद्धता पर सवाल
सर्राफा बाजार में कम वजन वाले आभूषणों की खरीद-बिक्री भी होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए गहनों की शुद्धता और कैरेट की सही जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। सूत्रों का दावा है कि कुछ आभूषणों को 22 कैरेट बताकर बेचे जाने के बावजूद उनमें सोने की मात्रा कम हो सकती है। इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित आभूषणों की प्रयोगशाला में जांच आवश्यक है। चांदी के आभूषणों की गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, किसी आभूषण का काला पड़ना अपने आप में मिलावट का निर्णायक प्रमाण नहीं है। इसके पीछे धातु की संरचना और वातावरण सहित कई कारण हो सकते हैं।
हॉलमार्क और शुद्धता की जांच जरूरी
सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की हॉलमार्किंग व्यवस्था महत्वपूर्ण है। खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं को हॉलमार्क, शुद्धता का अंकन और छह अंकों वाला एचयूआईडी कोड जांचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर बीआईएस की आधिकारिक व्यवस्था के माध्यम से भी इसकी पुष्टि की जा सकती है। आभूषण खरीदते समय पक्का बिल लेना, कैरेट और वजन का विवरण दर्ज करवाना तथा मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों की जानकारी लेना भी जरूरी है। किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका होने पर अधिकृत जांच केंद्र से शुद्धता की पुष्टि कराई जा सकती है।
निगरानी और जांच की मांग
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। इसी तरह आभूषणों की शुद्धता से जुड़े नियमों के पालन और उपभोक्ता शिकायतों की जांच पर भी प्रभावी निगरानी जरूरी है। हॉलमार्किंग नियमों के उल्लंघन की शिकायतों पर संबंधित विभागों को कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ग्राहकों के हितों की रक्षा हो सके।
बीकानेर में तस्करी की आशंका
बाजार से जुड़े सूत्रों ने बीकानेर में भी सोने-चांदी की तस्करी की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि दिल्ली सहित अन्य राज्यों से कीमती धातुओं और आभूषणों की अवैध आवाजाही हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में किसी विशिष्ट मामले या आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में संबंधित एजेंसियों की जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बढ़ती कीमतों के दौर में उपभोक्ताओं के लिए सावधानीपूर्वक खरीदारी और संबंधित विभागों के लिए नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।








