1959 से 2026 तक जानिए, कब-किसने संभाली आसींद प्रधान पद की कमान
आसींद/घुमन्तु दर्पण(परमवीर सिंह कटार)। राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत के साथ आसींद पंचायत समिति ने भी ग्रामीण स्वशासन के सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1959 से अब तक करीब 66 वर्षों के इस सफर में पंचायत समिति को अलग-अलग दौर में कई प्रधानों ने नेतृत्व दिया। शुरुआती दौर के पुरुष नेतृत्व से लेकर पिछले तीन दशकों में महिला नेतृत्व की मजबूत भागीदारी तक आसींद पंचायत समिति के प्रधान पद का स्वरूप लगातार बदलता रहा है।
गिरधारीलाल व्यास से हुई थी शुरुआत
आसींद पंचायत समिति में प्रधान पद की शुरुआत 2 अक्टूबर 1959 को गिरधारीलाल व्यास के कार्यकाल से हुई। उन्होंने 18 अगस्त 1962 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद किशन सिंह चुण्डावत ने 15 अगस्त 1962 से 6 मार्च 1972 तक करीब एक दशक तक प्रधान पद संभाला।
वर्ष 1972 में लहर चन्द चौपड़ा 1 अप्रैल से 24 अक्टूबर तक प्रधान रहे। इसके बाद शंकर देव भारती ने 25 अक्टूबर 1972 से 30 सितंबर 1976 तक जिम्मेदारी संभाली। लंबे अंतराल के बाद किशन सिंह चुण्डावत ने एक बार फिर 1 जनवरी 1982 से 2 जुलाई 1988 तक प्रधान पद संभाला। उनके बाद दिलीप व्यास 3 जुलाई 1988 से 24 जून 1991 तक प्रधान रहे।
1995 के बाद महिला नेतृत्व का दौर
वर्ष 1995 के बाद पंचायत समिति में महिला नेतृत्व का दौर शुरू हुआ। राजकंवर शेखावत ने 15 फरवरी 1995 से 19 फरवरी 2000 तक प्रधान पद संभाला। इसके बाद चन्द्र वीर सिंह 21 फरवरी 2000 से 20 फरवरी 2005 तक प्रधान रहे।
वर्ष 2005 में हंजा देवी गुर्जर ने 21 फरवरी 2005 से 16 फरवरी 2010 तक जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद देबी देवी भील 17 फरवरी 2010 से 7 फरवरी 2015 तक प्रधान रहीं। लक्ष्मी देवी साहू ने 8 फरवरी 2015 से दिसंबर 2020 तक पद संभाला। इसके बाद सीता देवी खटीक वर्ष 2020 से 2025 तक आसींद पंचायत समिति की प्रधान रहीं।
2026 में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुई सीट
23 सितंबर 2026 को जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों एवं प्रधान पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली गई। इसके तहत आसींद पंचायत समिति में प्रधान पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। इससे आगामी कार्यकाल में आसींद पंचायत समिति को ओबीसी वर्ग से नया प्रधान मिलेगा।
एक नजर में आसींद के प्रधान
| प्रधान | कार्यकाल |
|---|---|
| गिरधारीलाल व्यास | 2 अक्टूबर 1959 – 18 अगस्त 1962 |
| किशन सिंह चुण्डावत | 15 अगस्त 1962 – 6 मार्च 1972 |
| लहर चन्द चौपड़ा | 1 अप्रैल 1972 – 24 अक्टूबर 1972 |
| शंकर देव भारती | 25 अक्टूबर 1972 – 30 सितंबर 1976 |
| किशन सिंह चुण्डावत | 1 जनवरी 1982 – 2 जुलाई 1988 |
| दिलीप व्यास | 3 जुलाई 1988 – 24 जून 1991 |
| राजकंवर शेखावत | 15 फरवरी 1995 – 19 फरवरी 2000 |
| चन्द्र वीर सिंह | 21 फरवरी 2000 – 20 फरवरी 2005 |
| हंजा देवी गुर्जर | 21 फरवरी 2005 – 16 फरवरी 2010 |
| देबी देवी भील | 17 फरवरी 2010 – 7 फरवरी 2015 |
| लक्ष्मी देवी साहू | 8 फरवरी 2015 – दिसंबर 2020 |
| सीता देवी खटीक | 2020 – 2025 |
आसींद पंचायत समिति के प्रधान पद का यह सफर स्थानीय स्वशासन में समय के साथ आए बदलावों को दर्शाता है। वर्ष 1959 में शुरू हुई यह यात्रा अब 2026 में ओबीसी आरक्षण तक पहुंच गई है।








