गुरला/घुमन्तु दर्पण। कस्बे में ईंट के भट्टे के पास घायल अवस्था में मिले उल्लू का वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित रेस्क्यू किया। ग्रामीण सुरेश सिंह ने वनपाल चंद्रपाल सिंह राणावत को सूचना दी कि ईंट भट्टे के पास एक उल्लू घायल अवस्था में पड़ा है।सूचना मिलते ही वनपाल के निर्देश पर वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर मौके पर पहुंचे और घायल उल्लू को सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार किया। फिलहाल उल्लू को वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। वन विभाग के अनुसार उसके स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
रात में शिकार करता है उल्लू
वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर ने बताया कि उल्लू निशाचर और शिकारी पक्षी है। यह अपनी गर्दन को लगभग 270 डिग्री तक घुमा सकता है। इसके पंखों की बनावट ऐसी होती है कि उड़ान के दौरान आवाज बेहद कम होती है, जिससे यह शिकार के करीब आसानी से पहुंच जाता है। इसकी सुनने की क्षमता भी काफी तेज होती है और यह हल्की आहट को भी महसूस कर सकता है।वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी घायल वन्यजीव या पक्षी के मिलने पर उसे नुकसान न पहुंचाएं, बल्कि तत्काल नजदीकी वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय पर उसका रेस्क्यू, उपचार और संरक्षण किया जा सके।








