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21 सितंबर को बीकानेर को मिलेगा नया महापौर, अनिल कल्ला और डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत आमने-सामने

नवरतन डागा ने निर्दलीय नामांकन लिया वापस, नाम वापसी के बाद महापौर चुनाव की तस्वीर साफ

बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। नगर निगम के महापौर पद के चुनाव को लेकर नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुकाबले की स्थिति स्पष्ट हो गई है। कांग्रेस पार्षद नवरतन डागा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल अपना नामांकन वापस ले लिया। अब महापौर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला और भाजपा के डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच चुनाव होगा। मतदान 21 सितंबर को होगा और इसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा।

नवरतन डागा कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल और देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के साथ नगर निगम पहुंचे और अपना नामांकन वापस लिया। इसके बाद डागा ने कहा कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। आलाकमान से बातचीत के बाद वे संतुष्ट हुए और उन्होंने पार्टी हित में नामांकन वापस लिया। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि व्यवस्था से था। उन्होंने कांग्रेस में अपनी निष्ठा जताते हुए कहा कि वे पहले भी कांग्रेस में थे, आज भी हैं और आगे भी कांग्रेस में रहेंगे।

डागा ने कहा कि अनिल कल्ला का नाम रायशुमारी में आने के बाद उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने का अधिकार है। उन्होंने अनिल कल्ला को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि उनका किसी से व्यक्तिगत द्वेष नहीं है।

डोटासरा से मुलाकात के बाद बनी सहमति

नामांकन वापसी से पहले नवरतन डागा की कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात हुई थी। इसके बाद उनके नामांकन वापस लेने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा कि पार्टी को विश्वास था कि डागा अपना पर्चा वापस ले लेंगे। वहीं देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने भी कहा कि उन्होंने पहले ही डागा के नामांकन वापस लेने की बात कही थी।

डॉ. बी.डी. कल्ला ने अधिकारियों पर उठाए सवाल

पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्षद को नोटिस दिए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सत्ता के दुरुपयोग का माध्यम बन रहे हैं। उनका कहना था कि यदि कोई अधिकारी राजनीति करना चाहता है तो पद से इस्तीफा देकर राजनीति के मैदान में आए। परिवारवाद के आरोपों पर उन्होंने कहा कि परिवार के किसी सदस्य का लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ना अपराध नहीं है।

कांग्रेस ने 42 से अधिक वोट मिलने का दावा किया

कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा कि महापौर पद के प्रत्याशी का चयन पीसीसी चीफ द्वारा पार्षदों से वन-टू-वन रायशुमारी के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया से किया गया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस 42 से अधिक वोट हासिल कर नगर निगम में अपना बोर्ड बनाएगी।

नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस के 42, भाजपा के 27, निर्दलीय 10 और आरएलपी का एक पार्षद निर्वाचित हुआ है। महापौर चुनाव में इन पार्षदों के मतदान से नए महापौर का निर्वाचन होगा।

Ghumntu Darpan
Author: Ghumntu Darpan

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