गुरलाघुमन्तु दर्पण(बद्री लाल माली)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाएं विकसित करने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बीच ग्राम पंचायत गुरला के राजस्व गांव रगसपुरिया में सामुदायिक शौचालय के निर्माण के बाद भी ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 10-12 महीने पहले तैयार हुआ सामुदायिक शौचालय आज तक शुरू नहीं किया गया और इसके दोनों दरवाजों पर ताले लगे हुए हैं।
मौके पर शौचालय की दीवारों पर ‘सामुदायिक शौचालय रगसपुरिया, ग्राम पंचायत गुरला, पंचायत समिति सुवाणा, जिला भीलवाड़ा’ लिखा हुआ है/। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता संबंधी संदेश और चित्रकारी भी की गई है। हालांकि, भवन के मुख्य दरवाजों पर ताले लटके हैं। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से बंद रहने के कारण दरवाजों पर जंग भी दिखाई देने लगी है।
न पानी की व्यवस्था, न सफाई की सुविधा
ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय के सामने पक्का फर्श तक नहीं है। आसपास मिट्टी और मलबा पड़ा हुआ है। मौके पर पानी की टंकी अथवा जल कनेक्शन की व्यवस्था भी नजर नहीं आती। ऐसे में शौचालय का संचालन किस तरह होगा, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार निर्माण पूरा होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि किसानों, मजदूरों, महिलाओं और राहगीरों को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा मिलेगी, लेकिन निर्माण के बाद ही भवन पर ताला लगा दिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से इसे शुरू करवाने की मांग भी की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शौचालय निर्माण के बाद सरकारी रिकॉर्ड में कार्य पूर्ण दिखाया गया है, जबकि धरातल पर इसका उपयोग नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शौचालय निर्माण की लागत, भुगतान और निर्माण की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि भवन तैयार है तो इसे तत्काल आमजन के लिए खोला जाए तथा पानी की टंकी, नल कनेक्शन और नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही शौचालय के संचालन में देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है।
महिलाओं और किसानों को परेशानी
रगसपुरिया के आसपास बड़ी संख्या में खेत हैं, जहां किसान और मजदूर दिनभर काम करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार सार्वजनिक शौचालय शुरू होने से विशेष रूप से महिलाओं को सुविधा मिल सकती थी, लेकिन लंबे समय से बंद होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले का निरीक्षण कर सामुदायिक शौचालय को जल्द शुरू करवाने और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य के अनुरूप इसका नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है।








