11 फरवरी को स्वीकृत हुआ था काम, आज भी कच्चे रास्ते पर कीचड़ और झाड़ियां ग्रामीण बोले- बोर्ड नहीं, अब सड़क चाहिए
गुरला/घुमन्तु दर्पण। भीलवाड़ा जिले की पंचायत समिति सुवाणा की ग्राम पंचायत कारोई में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव में 7.50 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड और नाली निर्माण का बोर्ड तो लगा दिया गया, लेकिन करीब सात महीने बाद भी मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। बरसात के दिनों में यहां कच्चा रास्ता कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो गया है।
मौके पर लगे बोर्ड के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बद्री लाल दरोगा के मकान से सगर बावजी तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया था। कार्य कोड 3633/112908850018 है। इसकी स्वीकृति 11 फरवरी 2026 को जारी हुई थी। कुल स्वीकृत राशि 7.50 लाख रुपए है, जिसमें करीब 1.37 लाख रुपए श्रम मद और 6.13 लाख रुपए सामग्री मद के लिए निर्धारित हैं। कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत कारोई है। बोर्ड पर कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि अंकित नहीं है।
बोर्ड के आसपास ही कीचड़ और झाड़ियां
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर निर्माण का बोर्ड लगाया गया है, उसके आसपास आज भी पुराना कच्चा रास्ता ही है। बारिश के दौरान यहां करीब 4-5 इंच तक कीचड़ जमा हो जाता है। नाली नहीं होने से पानी रास्ते में ही जमा रहता है, जिससे गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। झाड़ियों और कचरे के कारण आवारा पशुओं के साथ सांपों का भी डर बना रहता है।
यह रास्ता गांव को मुख्य सड़क से जोड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात में स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है और कई बार बच्चों की यूनिफॉर्म खराब हो जाती है। महिलाओं को पानी और राशन लाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण बोले- ‘फाइल चलेगी या सड़क?
ग्रामीणों का कहना है कि विकास की उम्मीद में उन्होंने जनप्रतिनिधियों को चुना, लेकिन महीनों से मौके पर सिर्फ बोर्ड दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत स्तर पर कई बार समस्या बताई जा चुकी है, लेकिन हर बार काम प्रक्रिया में होने की बात कही जाती है।
एक ग्रामीण ने कहा, “बोर्ड लगा तो लगा कि अब सड़क बनेगी। महीनों से रोज यही बोर्ड देख रहे हैं, लेकिन सड़क नहीं बनी। आखिर फाइल चलेगी या रोड?”
जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवाल
सात महीने से काम शुरू नहीं होने को लेकर पंचायत स्तर से लेकर संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि स्वीकृत कार्य की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए और निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि 7.50 लाख रुपए की स्वीकृति कोई छोटी राशि नहीं है। यदि कार्य स्वीकृत हो चुका है तो मौके पर निर्माण क्यों नहीं शुरू हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि उन्हें कागजों और बोर्ड पर विकास नहीं, बल्कि जमीन पर पक्की सड़क और नाली चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और बद्री लाल दरोगा के मकान से सगर बावजी तक स्वीकृत सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराया जाए।








