सतयुगी दरबार और चैतन्य देवियों की झांकी ने दिया आध्यात्मिक संदेश, कृष्ण रासलीला बनी आकर्षण का केंद्र
भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण(लक्की शर्मा)।भीलवाड़ा। श्री श्याम मंदिर काशीपुरी धाम में जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में सजाई गई भव्य धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। विशेष रूप से सतयुगी दरबार एवं चैतन्य देवियों की झांकी ने आध्यात्मिक संदेश के साथ लोगों का ध्यान आकर्षित किया।झांकी के माध्यम से संदेश दिया गया कि शिव शक्तियां परमात्मा शिव की शक्ति से शीघ्र ही धरती पर स्वर्ग का आगमन कराने में सहायक बनेंगी। सतयुगी संसार की परिकल्पना को आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत कर आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक जीवन का संदेश दिया गया।
मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, माता दुर्गा, माता सरस्वती और माता लक्ष्मी की मनमोहक झांकियां भी सजाई गईं। वहीं कृष्ण रासलीला की सुंदर प्रस्तुति ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। बाल कृष्ण की लीलाओं और रासलीला के दृश्यों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया।मंदिर अध्यक्ष सुरेश पोद्दार ने कहा कि जन्माष्टमी के आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ आध्यात्मिक संदेश को प्रमुखता दी गई। झांकियों के माध्यम से सनातन संस्कृति, भक्ति और सतयुगी जीवन मूल्यों को सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।
मीडिया प्रभारी पंकज अग्रवाल ने बताया कि आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न झांकियों और धार्मिक प्रस्तुतियों को देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण कृष्णमय बना रहा।जन्माष्टमी महोत्सव में सजी झांकियां केवल आकर्षण का केंद्र नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, आध्यात्मिक जागृति और श्रेष्ठ जीवन की प्रेरणा भी दी। भव्य आयोजन ने काशीपुरी धाम की जन्माष्टमी को यादगार बना दिया।








