गुरला/घुमन्तु दर्पण(बद्री लाल माली)| गुरला के पास टीला का खेड़ा में उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत में चारा काट रही महिलाओं को करीब 9 फीट लंबा विशाल अजगर नजर आया। अचानक अजगर दिखाई देने से महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार किसान भेरूजी गुर्जर के खेत में महिलाएं चारा काट रही थीं। इसी दौरान चारे में छिपा अजगर दिखाई दिया। किसान ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। वनपाल चंद्रपाल सिंह राणावत के निर्देश पर वनरक्षक दिनेश कुमार रेगर और नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवक एवं वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा मौके पर पहुंचे।
सावधानी से किया अजगर का रेस्क्यू
रेस्क्यू टीम ने काफी सावधानी और सूझबूझ के साथ चारे में छिपे अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान ग्रामीणों ने भी टीम का सहयोग किया। अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद खेत में काम कर रहे लोगों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों को वन्यजीव संरक्षण का संदेश
रेस्क्यू के बाद वन्यजीव रक्षक नारायण लाल बैरवा ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि खेत या आबादी क्षेत्र में अजगर अथवा कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उसे मारने या पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वन्यजीव पर्यावरण संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।
भारतीय रॉक पाइथन बताया
नारायण लाल बैरवा के अनुसार रेस्क्यू किया गया अजगर भारतीय रॉक पाइथन प्रजाति का है। यह विशालकाय और विषहीन होता है तथा इसकी लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित है। रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित प्राकृतिक जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।








