भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। जवाहर नगर निवासी एक व्यक्ति ने प्लॉट विवाद में न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया। पीड़ित किशन भट्ट ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग की है।किशन भट्ट के अनुसार, उन्होंने करीब एक वर्ष पहले जवाहर नगर क्षेत्र में 25×40 आकार का एक प्लॉट करीब 8 से 9 लाख रुपए में खरीदा था। उनका दावा है कि उन्होंने विक्रेता रमेश उर्फ रामा उस्ताद को 8 लाख रुपए का भुगतान कर दिया था। इसके बाद रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में टालमटोल शुरू कर दी गई। पीड़ित का आरोप है कि उक्त प्लॉट किसी अन्य महिला के नाम करवा दिया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने रकम या प्लॉट वापस मांगा तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। उनके अनुसार, 27-28 जुलाई को 100 फीट रोड पर रोककर उन्हें डराया-धमकाया गया और 2.5 लाख रुपए लेकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने रकम लेने से इनकार कर दिया।किशन भट्ट का आरोप है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते उन्होंने पूर्व में जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास भी किया था, हालांकि उनकी जान बच गई। उन्होंने दावा किया कि गांधीनगर थाने में मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कलेक्टर और एसपी कार्यालय में भी शिकायत की, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला। इसके बाद वे हाथों में “मेरी मेहनत की कमाई लौटाओ या मुझे इच्छा मृत्यु दो” और “न्याय नहीं तो जीने का अधिकार भी नहीं” लिखे बैनर लेकर कलेक्ट्रेट के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए।उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।








