खामोर/घुमन्तु दर्पण। खामोर में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार देर रात करीब 12 बजे 11 हजार केवी विद्युत लाइन तेज धमाके के साथ टूटकर मुख्य सड़क पर आ गिरी। लाइन टूटते ही करीब 10 मिनट तक सड़क पर चिंगारियां और अंगारे बरसते रहे। गनीमत रही कि घटना आधी रात को हुई, अन्यथा दिन के समय राहगीरों, स्कूली बच्चों या दोपहिया वाहन चालकों की जान पर बन सकती थी
सबसे हैरानी की बात यह है कि करीब एक माह पूर्व भी इसी स्थान पर यही 11 हजार केवी लाइन जोरदार धमाके के साथ टूटकर गिर गई थी। उस समय नई लाइन लगाने का दावा किया गया था, लेकिन इतनी कम अवधि में दोबारा उसी लाइन का टूट जाना मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि खामोर में आए दिन विद्युत लाइनों में धमाके, फॉल्ट और तार टूटने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान की बजाय केवल औपचारिक मरम्मत कर मामले को शांत कर दिया जाता है। इससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के रखरखाव कार्य में पर्याप्त प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की कमी है और व्यवस्थाएं पूरी तरह ठेकेदार के भरोसे चल रही हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार खामोर, सात खेड़े सहित पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था केवल एक एफआरटी कर्मचारी के भरोसे संचालित हो रही है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में समय पर राहत कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद यदि विभाग ने समय रहते लाइन की तकनीकी जांच, गुणवत्ता परीक्षण और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था नहीं की, तो किसी भी दिन यह लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अब ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और खामोर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की मांग की है।







