बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं देहात के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को राष्ट्रीय सचिव एवं राजस्थान सह-प्रभारी चिरंजीवी राव के नेतृत्व में कोटगेट से जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े निर्णयों तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सामने आई शिकायतों और आपत्तियों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी रखी।कांग्रेस ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों के दौरान निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कुछ निर्णयों पर 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। पार्टी ने इन आपत्तियों से संबंधित अभिलेखों की जांच सार्वजनिक करने की मांग की।
ज्ञापन में एसआईआर के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा के साथ निर्वाचन आयोग की आईटी प्रणाली एवं उसके केंद्रीकरण से जुड़े निर्णयों की पारदर्शिता और वैधानिकता की जांच की मांग की गई।राष्ट्रीय सचिव एवं राजस्थान सह-प्रभारी चिरंजीवी राव ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से जुड़ी शिकायतों और आपत्तियों की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाने की मांग की।
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन को लेकर उठे सवालों की स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए। शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने निर्वाचन आयोग के भीतर दर्ज बताई जा रही औपचारिक आपत्तियों और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की मांग की।पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी ने चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीकी प्रणालियों की पारदर्शिता, सुरक्षा, नियंत्रण और वैधानिक प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा की आवश्यकता बताई।








