गुरलां/(भीलवाड़ा)घुमन्तु दर्पण। स्वच्छता को लेकर किए जा रहे दावों के बीच गुरलां ग्राम पंचायत की जमीनी तस्वीर अलग ही नजर आ रही है। गांव में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं और नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। सड़कों व रास्तों के किनारे पड़े कचरे में बेसहारा मवेशी प्लास्टिक और पॉलीथिन खाते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित सफाई और कचरा उठाव की व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है।
कचरे में चारा तलाश रहे मवेशी
गांव के विभिन्न हिस्सों में खुले में पड़े कचरे के कारण मवेशी चारे की तलाश में कचरे के ढेर तक पहुंच रहे हैं। यहां प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य कचरा भी पड़ा रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्लास्टिक खाने से पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कचरे का नियमित उठाव और उचित निस्तारण कराने की मांग की है।
बदबू और गंदगी से ग्रामीण परेशान
रास्तों, पेड़ों और खाली जगहों के आसपास लंबे समय से जमा कचरे के कारण दुर्गंध फैल रही है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान गंदगी के कारण मच्छरों की समस्या भी बढ़ जाती है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नालियां चोक, सड़कों पर बह रहा गंदा पानी
गांव की कई नालियां गंदगी से जाम हैं। सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी रास्तों पर बह रहा है। कीचड़ और जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमित सफाई नहीं होने से समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से कचरा उठाने, नालियों की नियमित सफाई कराने और खुले में कचरा डालने की व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान करना चाहिए। अब देखना होगा कि ग्राम पंचायत प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाता है।








