नोखा/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। जैन धर्म के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन अभिनव सामायिक दिवस श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। तेरापंथ भवन में आयोजित अभिनव सामायिक में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान पूरा सभागार श्रद्धालुओं से भरा रहा।
प्रवक्ता उपासक विनोद कुमार बोरडिया ने त्रिपदी वंदना के साथ अभिनव सामायिक का प्रयोग प्रारंभ करवाया तथा आठ कोटि की सामायिक का प्रत्याख्यान कराया। जप, ज्ञान और स्वाध्याय के माध्यम से सामायिक का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि सावद्य योग का त्याग, संयम और समता की साधना ही सामायिक है। उन्होंने भगवान महावीर के श्रावक पुणीया श्रावक की अदम्य सामायिक का प्रसंग सुनाते हुए सामायिक साधना के महत्व को समझाया।उपासक रतनलाल मेहता ने अभिनव सामायिक को जीवन की अमूल्य पूंजी बताते हुए परमेष्ठी वंदना का संगान करवाया। उन्होंने कहा कि जीवन में त्याग और वैराग्य की भावना को मजबूत करने के लिए बारह व्रत एवं अणुव्रत को अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम में सभा अध्यक्ष शुभकरण चोरड़िया, सभा मंत्री सुंदरलाल सेठिया, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष गजेन्द्र पारख, मंत्री अरिहंत संखलेचा, महिला मंडल अध्यक्षा प्रीति मरोठी सहित कवि इंदरचंद बैद, मांगीलाल संचेती, डॉ. मरोठी, नेमचंद घीया एवं पुष्पा देवी पारख आदि उपस्थित रहे।पर्युषण महापर्व की आराधना को लेकर नोखा में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है। तेरापंथ भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं पहुंच रहे हैं। अखंड नवकार मंत्र जाप लगातार जारी है, वहीं अनेक भाई-बहन तपस्या के माध्यम से आत्मसाधना में जुटे हैं। पर्युषण के दौरान नोखा में धर्म, तप, जप, स्वाध्याय और सामायिक की आराधना का वातावरण निरंतर गहराता जा रहा है।








