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गुरला में महिलाओं ने बछ बारस पर गाय की पूजा कर पुत्र की दीर्घायु की कामना की

गुरला/घुमन्तु दर्पण| भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी पर मनाए जाने वाले लोक पर्व बछ बारस पर शिव नगर क्षेत्र में महिलाओं ने पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ गाय-बछड़े की पूजा की। शिव नगर निवासी लक्ष्मी त्रिपाठी ने बताया कि बछ बारस पर गाय की पूजा कर सुख-शांति एवं पुत्र की दीर्घायु की कामना की जाती है। इस दिन महिलाएं पूरा दिन व्रत रखती हैं एवं चाकू (लोहे) से कटी हुई कोई भी वस्तु का सेवन नहीं किया जाता है।उन्होंने बताया कि सुबह से ही महिलाओं ने गाय और बछड़े को तिलक लगाकर, माला पहनाकर, बाजरा और हरा चारा खिलाकर पूजा की और गाय की परिक्रमा कर संतान के उज्जवल भविष्य की प्रार्थना की। इस दिन गाय के दूध, दही, घी का सेवन वर्जित माना जाता है।
बुजुर्ग महिलाओं ने बछ बारस की पौराणिक कथा सुनाई और नई पीढ़ी को इस व्रत के महत्व के बारे में बताया। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को कथा सुनकर महिलाओं ने अपना व्रत खोला। गुरला में इस पर्व को लेकर महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिला।

Ghumntu Darpan
Author: Ghumntu Darpan

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