मोहित अरोड़ा पर दर्ज मुकदमों का विरोध, समाज के तीन प्रत्याशियों को समर्थन और बाकी वार्डों में कांग्रेस के बहिष्कार का ऐलान
बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)| नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में शुरू हुआ विवाद अब खुलकर सामने आने लगा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ मारपीट के घटनाक्रम और मोहित अरोड़ा पर दर्ज मुकदमों को लेकर पंजाबी महासभा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महासभा ने प्रेस वार्ता कर मोहित अरोड़ा पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की और ऐसा नहीं होने पर नगर निगम चुनाव के साथ आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस का विरोध करने की चेतावनी दी।
पंजाबी महासभा के अध्यक्ष सुरेश खिंवानी ने आरोप लगाया कि मोहित अरोड़ा पर झूठे एससी-एसटी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज इन मुकदमों का विरोध करता है। उनका दावा है कि घटनाक्रम के दौरान मोहित अरोड़ा ने कांग्रेस शहर अध्यक्ष मदनलाल मेघवाल के साथ मारपीट की थी, लेकिन न तो किसी हथियार का इस्तेमाल किया और न ही जातिसूचक शब्द कहे।
महासभा ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और पुलिस प्रकरण में लगाई गई कथित गलत धाराओं को हटाया जाए। संगठन ने इस मामले को लेकर रविवार को जिला कलेक्ट्री के पास एकत्र होकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने का भी ऐलान किया है।
टिकट बदलने को लेकर उठाए सवाल
मोहित अरोड़ा के पिता एवं पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा ने कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनलाल मेघवाल और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी पसंद का महापौर बनाने के लिए टिकट वितरण में मनमानी की गई।
दीपक अरोड़ा ने दावा किया कि कांग्रेस के कई जीते हुए पार्षदों के टिकट काटे गए तथा करीब चार वार्डों में पार्टी सिंबल बदलने या चोरी होने जैसी स्थिति सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं की कथित रणनीति के चलते वास्तविक कांग्रेस कार्यकर्ता टिकट से वंचित रह गए।
उन्होंने अपने और अपने पुत्र मोहित अरोड़ा के पार्टी से निष्कासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना उनका पक्ष सुने कार्रवाई की गई। दीपक अरोड़ा के अनुसार, टिकट बदले जाने को लेकर मोहित अरोड़ा ने मदनलाल मेघवाल से सवाल किया था, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी दौरान विवाद बढ़ा और मारपीट की घटना हुई, जिसकी वे स्वयं भी निंदा करते हैं।
तीन वार्डों में समर्थन, बाकी में कांग्रेस का विरोध
पंजाबी महासभा ने स्पष्ट किया कि वह समाज से जुड़े प्रत्याशियों के समर्थन में खड़ी रहेगी। संगठन के अनुसार वार्ड 32 और वार्ड 41 के कांग्रेस प्रत्याशियों तथा वार्ड 50 के भाजपा प्रत्याशी को समर्थन दिया जाएगा।
महासभा ने कहा कि यदि मोहित अरोड़ा पर दर्ज मुकदमों में लगाई गई कथित गलत धाराएं नहीं हटाई गईं तो बीकानेर के शेष वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों का विरोध किया जाएगा। संगठन का कहना है कि मोहित अरोड़ा और मदनलाल मेघवाल के बीच हुए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
महासभा ने यह भी कहा कि मारपीट की घटना से वह इनकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन पिस्टल दिखाने अथवा दलित समाज के खिलाफ जातिसूचक गाली देने के आरोपों को गलत बताया जा रहा है। अब इस पूरे विवाद के बीच पंजाबी महासभा के कांग्रेस विरोध के ऐलान से नगर निगम चुनाव में राजनीतिक समीकरण और गरमाने की संभावना है।








