शाहपुरा/घुमन्तु दर्पण(किशन वैष्णव)| रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सूरजपुरा की बहनों ने अनूठी पहल करते हुए देश की सरहद पर तैनात सैनिकों के लिए 15 राखियां डाक के माध्यम से भेजीं। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की बहनों एवं बेटियों ने अपने हाथों से राखियां तैयार कर सैनिक भाइयों के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। इस पहल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गलकु देवी शर्मा ने भी राखी भेजी। उन्होंने कहा कि सैनिक भाई अपने परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में जुटे हैं। ऐसे में उन्हें राखी भेजकर यह एहसास कराने की इच्छा हुई कि देश की बहनें उनके साथ हैं। यह राखी स्नेह के साथ जवानों के प्रति देश की रक्षा के लिए आभार भी है।
विद्यालय की दीदी विभा टेलर ने कहा कि सैनिक भाई परिवार से दूर रहकर हमारी सुरक्षा करते हैं। उनकी कलाई पर राखी भेजना गर्व की बात है। वहीं साक्षरता अभियान की वीटी सपना कंवर भाटी ने कहा कि राखी केवल धागा नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। जवान देश की करोड़ों बहनों की रक्षा कर रहे हैं, इसलिए उन्हें अपना भाई मानकर राखी भेजना बेहद भावुक करने वाला क्षण है।
विद्यालय की बेटियों ने उत्साह से राखियां तैयार कीं। बेटियों ने कहा कि वे सैनिक भाइयों के पास जाकर राखी नहीं बांध सकतीं, लेकिन डाक से भेजी गई राखी उनकी कलाई तक जरूर पहुंचेगी। उन्होंने जवानों की सुरक्षा और देश सेवा के लिए प्रार्थना की।सूरजपुरा की बहनों की यह पहल रक्षाबंधन को भावनाओं से जोड़ गई। डाक से भेजी गई इन 15 राखियों में रंग-बिरंगे धागों के साथ बहनों की दुआएं, बेटियों का स्नेह और मातृभूमि के रक्षकों के प्रति सम्मान भी शामिल है। संदेश साफ है कि सरहद कितनी भी दूर हो, भाई-बहन के रिश्ते में दूरी नहीं होती।








