अजमेर/घुमन्तु दर्पण(रेखा कुमावत)| राजस्थान में अमूल के विस्तार के विरोध और सरस डेयरी की सहकारी व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की मांग को लेकर अजमेर में 23 अगस्त को ‘सरस सहकार महाकुंभ’ आयोजित किया जाएगा। तबीजी फार्म के पास कच्छावा गार्डन में सुबह 11 बजे होने वाले इस महाकुंभ में प्रदेशभर से करीब 25 हजार पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के शामिल होने का दावा किया गया है।
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बताया कि महाकुंभ की मुख्य थीम ‘अमूल भगाओ-सरस बचाओ’ रखी गई है। कार्यक्रम में प्रदेश के 15 जिला दुग्ध संघों के अध्यक्ष, सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित अन्य अतिथियों के शामिल होने की बात कही गई है।
अमूल के विस्तार पर रोक की मांग
रामचंद्र चौधरी ने कहा कि राजस्थान में अमूल के विस्तार से सरस डेयरी, दुग्ध समितियों और पशुपालकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर महाकुंभ में चर्चा की जाएगी और आगे की रणनीति तय होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से राजस्थान में अमूल के विस्तार को अनुमति नहीं देने की मांग की।उन्होंने अमूल के कुछ उत्पादों में प्रिजर्वेटिव होने का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य संबंधी चिंता भी जताई। चौधरी का कहना है कि सरस केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों गांवों के पशुपालकों और लाखों परिवारों की आजीविका से जुड़ी सहकारी व्यवस्था है।
13 हजार दुग्ध समितियों पर असर का दावा
चौधरी ने आशंका जताई कि अमूल के विस्तार से राजस्थान की करीब 13 हजार दुग्ध समितियां प्रभावित हो सकती हैं। इससे लाखों पशुपालकों और उनसे जुड़े परिवारों की आजीविका पर असर पड़ने की संभावना उन्होंने जताई।
300 से 400 करोड़ के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठेगा
महाकुंभ में सरस जिला दुग्ध संघों के करीब 300 से 400 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। आयोजकों ने सरकार से पशुपालकों और दुग्ध समितियों के लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है।चौधरी ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जंतर-मंतर पर धरना देने और न्यायालय की शरण लेने की बात भी कही गई है।
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती ने भी अमूल के विस्तार से गरीब और छोटे पशुपालकों पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई। ऐसे में 23 अगस्त को अजमेर में होने वाला सरस सहकार महाकुंभ प्रदेश की सहकारी दुग्ध व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।








