गुरला/घुमन्तु दर्पण। ग्राम पंचायत रामपुरिया के राजपुरा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत मासूम बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। केंद्र की छत का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़कर गिर रहा है और लोहे की सरिया बाहर निकल आई हैं। दीवारों और छत में दरारें होने से बारिश के दौरान पानी भी टपकता है। इसके बावजूद 3 से 6 वर्ष की उम्र के 12 से 14 बच्चे रोज इसी भवन में आने को मजबूर हैं।
राजपुरा आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 16 बच्चे नामांकित हैं। यहां प्रतिदिन 12 से 14 बच्चे पोषण आहार और प्रारंभिक शिक्षा के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा 9 गर्भवती और 3 धात्री महिलाएं भी पोषाहार एवं स्वास्थ्य जांच के लिए केंद्र पर आती हैं। ऐसे में जर्जर भवन से बच्चों के साथ महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
छत से निकल रही सरिया, लगातार गिर रहा प्लास्टर
आंगनबाड़ी की छत का प्लास्टर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। कई स्थानों पर सीमेंट की परत हटने से लोहे की सरिया खुलकर बाहर आ गई हैं, जिन पर जंग लग चुकी है। छत में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं और बारिश के दौरान पानी रिसने से स्थिति और खराब हो जाती है। प्लास्टर का मलबा आए दिन फर्श पर गिरता रहता है।
कार्यकर्ता बोलीं- डर के बीच करनी पड़ रही ड्यूटी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राधा देवी गुर्जर ने बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से केंद्र पर कार्यरत हैं। उनके अनुसार पिछले तीन वर्षों से छत खराब है, जबकि बीते एक साल में स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सीडीपीओ कार्यालय, सुपरवाइजर और सरपंच को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं हुई।उन्होंने कहा कि प्लास्टर गिरने के कारण बच्चों को अंदर बैठाने में भी डर लगता है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण केंद्र का सामान भी खराब हो जाता है।
अभिभावकों में भी चिंता
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों को आंगनबाड़ी भेजते हैं, लेकिन जर्जर भवन को देखकर हमेशा हादसे का डर बना रहता है। उनका कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किए बिना भवन की तत्काल मरम्मत या बच्चों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।राजपुरा आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति केवल एक जर्जर भवन का मामला नहीं, बल्कि मासूम बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से जल्द से जल्द कार्रवाई कर सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने की मांग की है।








