नागौर/घुमन्तु दर्पण।(चंद्रशेखर सारस्वत) थांवला कस्बे में करीब तीन वर्षों से चल रही नहरी जल योजना अब भी अधूरी पड़ी है। योजना के तहत घर-घर कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन पाइपलाइन मुख्य लाइन से नहीं जुड़ पाने के कारण लोगों को अब तक पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में जिम्मेदार विभाग के प्रति नाराजगी है।
जानकारी के अनुसार सदर बाजार के पास वार्ड नंबर 8 स्थित श्री रघुनाथजी मंदिर के समीप करीब तीन वर्ष पहले योजना के तहत पाइपलाइन बिछाकर घरों तक कनेक्शन दिए गए थे। लेकिन मुख्य पाइपलाइन से कनेक्शन जोड़ने का काम आज तक पूरा नहीं हो पाया। स्थिति यह है कि मंदिर के पास रास्ते में पाइप का एक सिरा करीब तीन साल से खुला पड़ा है और मुख्य लाइन से करीब 30 फीट दूरी पर जुड़ने का इंतजार कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि महज 30 फीट पाइप लगाकर इस हिस्से को मुख्य लाइन से जोड़ा जा सकता है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते वर्षों से काम अधूरा है। बार-बार पाइपलाइन के नाम पर गलियों और सड़कों की खुदाई किए जाने से आमजन को परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों को बड़ी मुश्किल से बनाया जाता है और योजनाओं के अधूरे काम के कारण फिर से उन्हें खोद दिया जाता है।
नई पाइपलाइन से जगी उम्मीद
ग्रामीण मोहन मेघवाल ने बताया कि हाल ही में वाल्मीकि मोहल्ले में डीआई पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसे सदर बाजार, चारभुजा मंदिर सहित अन्य रास्तों से जोड़ने की बात कही जा रही है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि नई पाइपलाइन के साथ वार्ड नंबर 8 में वर्षों से अधूरे पड़े कनेक्शन को भी मुख्य लाइन से जोड़कर जलापूर्ति शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि अधूरे कार्य को जल्द पूरा कर घर-घर जलापूर्ति शुरू की जाए, ताकि वर्षों से शुद्ध पेयजल का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि नई पाइपलाइन के साथ वार्ड नंबर 8 की अधूरी लाइन भी जुड़ती है या यह योजना कागजों तक ही सीमित रह जाती है।








