नोखा/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)|राजस्थान में किसानों के लिए फसल गिरदावरी की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब किसान ‘किसान गिरदावरी ऐप’ के माध्यम से अपने खेत में बोई गई फसल की जानकारी मोबाइल से स्वयं दर्ज कर सकेंगे। राजस्थान सरकार के आधिकारिक गिरदावरी पोर्टल पर किसानों के लिए ऐप और इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
नोखा तहसीलदार सुनीता चारण ने किसानों से डिजिटल माध्यम से गिरदावरी कराने का लाभ उठाने की अपील की है। इस व्यवस्था से किसानों को फसल गिरदावरी के लिए पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और वे अपने मोबाइल से खेत तथा फसल से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
सरकार की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसान गिरदावरी ऐप के माध्यम से किसान अपनी फसल का विवरण स्वयं पंजीकृत कर सकते हैं। इसके बाद संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा दर्ज जानकारी का सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाती है। इससे गिरदावरी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने के साथ किसानों को अपनी फसल संबंधी जानकारी दर्ज कराने में सुविधा मिलती है।
फसल गिरदावरी का रिकॉर्ड किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है। फसल का सही विवरण समय पर दर्ज होने से विभिन्न सरकारी योजनाओं, कृषि संबंधी सुविधाओं और फसल बीमा से जुड़े कार्यों में मदद मिल सकती है। राजस्थान के आधिकारिक कृषि पोर्टल पर भी गिरदावरी प्रपत्र-13 सहित राजस्व विभाग की सेवाएं उपलब्ध हैं।
तहसीलदार चारण ने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल की गिरदावरी समय पर दर्ज करें और मोबाइल ऐप में दर्ज की गई जानकारी को ध्यानपूर्वक जांच लें। किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी समस्या होने पर किसान अपने स्थानीय पटवारी से संपर्क कर सकते हैं। राजस्थान के भू-प्रबंध विभाग ने भी गिरदावरी ऐप की जानकारी के लिए स्थानीय पटवारी से संपर्क करने की सलाह दी है।







