गुरला/घुमन्तु दर्पण(बद्री लाल माली)। श्री कोटड़ी चारभुजा नाथ की पावन धरा पर आयोजित श्री हरिहर शिवमहापुराण कथा महोत्सव का सोमवार को भव्य धार्मिक वातावरण में पूर्णाहुति समारोह के साथ समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं के बीच 21 हजार रुद्राक्षों का वितरण विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कथा व्यास परम श्रद्धेय गौवत्स पं. विष्णुश्री कृष्णतनय जी महाराज ने शिवमहापुराण के माध्यम से भगवान शिव के त्याग, तपस्या, करुणा और लोककल्याण के संदेश को श्रद्धालुओं तक पहुंचाया। कथा के दौरान शिव तत्व, शिव-पार्वती विवाह, अर्धनारीश्वर स्वरूप, भगवान शिव के तांडव तथा सनातन जीवन में शिव उपासना के महत्व से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म और संस्कारों से जोड़ा गया।पूर्णाहुति समारोह के अवसर पर 21 हजार रुद्राक्ष श्रद्धालुओं में वितरित किए गए। भगवान शिव के स्वरूप और शिवभक्ति के प्रतीक माने जाने वाले रुद्राक्ष को श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया।
महोत्सव के समापन अवसर पर कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से कोटड़ी श्याम की धरा गूंज उठी। कथा के समापन पर महाराज श्री ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि भगवान शिव के विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की तरह स्वयं कष्ट सहकर भी दूसरों के जीवन में सुख और प्रकाश पहुंचाना ही सच्ची शिवभक्ति है।श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों से सराबोर हरिहर शिवमहापुराण कथा महोत्सव का 21 हजार रुद्राक्ष वितरण के साथ भव्य समापन हुआ।








