भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। शहर के पारीक छात्रावास के समीप स्थित गुल अली नगरी में एक रिहायशी मकान की छत पर मोबाइल टावर का स्ट्रक्चर खड़ा किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सोमवार देर रात करीब 12 बजे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किए टावर का ढांचा खड़ा कर दिया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाए जाने से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर रेडिएशन के संभावित प्रभावों को लेकर लोगों में डर का माहौल है। साथ ही उनका आरोप है कि टावर का भारी-भरकम लोहे का स्ट्रक्चर असुरक्षित तरीके से लगाया गया है, जो तेज हवा या आंधी-तूफान के दौरान आसपास के मकानों और लोगों के लिए खतरा बन सकता है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार उन्होंने पहले ही मकान मालिक से टावर नहीं लगाने की अपील की थी, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए देर रात निर्माण कार्य कराया गया। लोगों का यह भी कहना है कि संबंधित मकान की छत पर पहले से एक मोबाइल टावर मौजूद है और अब दूसरा टावर लगाने की तैयारी की जा रही है।मोहल्लेवासियों ने प्रशासन से मामले की जांच कर टावर निर्माण की अनुमति, सुरक्षा मानकों और वैधानिक प्रक्रिया की जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।







