गुरला-भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के दावों की पोल भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत गुरला के वार्ड संख्या 4 में खुलती नजर आ रही है। सहकारी समिति के पास शिव मंदिर के निकट स्थित खारी कुड़ी की पानी की टंकी के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। टंकी की दीवारों पर काई जमी हुई है, नालियां जाम हैं और चारों ओर फैले कचरे से बदबू का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीण नाथूलाल सुवालका ने पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, “पंचायत आखिर पैसे कहां खर्च कर रही है? पूरे गांव की नालियां खराब पड़ी हैं। पानी भरने तक का रास्ता नहीं बचा है। साफ-सफाई सिर्फ कागजों में दिखाई जाती है।”वहीं मदनदास वैष्णव का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई और मरम्मत नहीं होने से गंदगी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया, “कई बार पंचायत में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। हमारी भी सुनिए सरपंच साहब।”
ग्रामीण भरत सिंह पुरावत ने बताया कि पानी की टंकी के आसपास इतनी गंदगी है कि वहां कुछ देर खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है। जाम नालियों में प्लास्टिक और पन्नियां फंसी होने से गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहता रहता है। इसी रास्ते से बच्चों और महिलाओं को गुजरना पड़ता है। उनका आरोप है कि सफाई पर लाखों रुपये खर्च दिखाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं।
स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
पानी की टंकी के नीचे गंदा और दूषित पानी जमा रहने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी स्थान से उन्हें पीने का पानी भरना पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में डायरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस सहित कई जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर पानी की टंकी परिसर और नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।








