भीलवाड़ा-मांडल/घुमन्तु दर्पण। मांडल ग्राम पंचायत में आवासीय पट्टों को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। अब तक मामला वर्ष 2025-26 में जारी किए गए रियायती एवं निशुल्क आवासीय पट्टों की जांच तक सीमित था, लेकिन अब ग्रामवासियों ने जांच का दायरा बढ़ाने की मांग कर राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है।
ग्रामवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एडवोकेट इमरान काजी के माध्यम से जिला कलेक्टर को पंजीकृत डाक से ज्ञापन भेजकर वर्ष 1992 से 2020 तक जारी किए गए सभी आवासीय पट्टों की समान, निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच होनी है तो किसी एक अवधि तक सीमित न रहकर पिछले वर्षों में जारी सभी पट्टों की भी जांच की जाए, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके और किसी के साथ पक्षपात न हो।
इस मांग के सामने आने के बाद मांडल की सियासत में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और क्या जांच का दायरा बढ़ाकर पुराने पट्टों की भी जांच कराई जाती है। फिलहाल इस मुद्दे ने पंचायत क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।








