एफएसएल रिपोर्ट के बाद बड़ा खुलासा, रसद विभाग के तीन निरीक्षकों पर फर्जी हस्ताक्षर का केस
भीलवाड़ा/फूलियाकलां/ घुमन्तु दर्पण । फूलियाकलां थाना क्षेत्र के खामोर गांव स्थित उचित मूल्य की दुकान के डीलर की शिकायत पर रसद विभाग के तीन प्रवर्तन निरीक्षकों के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिवादी ओमप्रकाश वैष्णव (32), निवासी खामोर ने रिपोर्ट में बताया कि वह ग्राम खामोर में उचित मूल्य की दुकान का अधिकृत डीलर है। आरोप है कि 29 अक्टूबर 2025 को रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक मीनाक्षी मीणा, विनोद मीणा और ब्रिजेश सेठी निरीक्षण के लिए उसकी दुकान पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिलने पर अधिकारियों ने मौके पर तैयार किए गए निरीक्षण प्रपत्र और फर्द पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए।
शिकायत के अनुसार बाद में अधिकारियों ने परिवादी तथा गवाहों बलवंत सिंह और कन्हैयाल व्यास उर्फ सिंटू के कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर नए निरीक्षण दस्तावेज तैयार कर दिए। परिवादी का कहना है कि जिला कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद 21 नवंबर 2025 को जिला रसद अधिकारी से प्राप्त प्रमाणित प्रतियों के माध्यम से उसे इस कथित हेराफेरी की जानकारी मिली।
परिवादी द्वारा कराई गई एफएसएल जांच रिपोर्ट में विवादित हस्ताक्षरों और मूल हस्ताक्षरों में अंतर पाया गया है। रिपोर्ट में विवादित हस्ताक्षरों में हिचकिचाहट (Hesitation), रीटचिंग (Retouching) सहित जालसाजी के संकेत होने का उल्लेख किया गया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट शाहपुरा के आदेश पर फूलियाकलां थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 198, 201, 318(3), 336(3), 336(4) एवं 339 के तहत मामला दर्ज किया है।
थानाधिकारी राजकुमार नायक ने बताया कि मामले की जांच जारी है। वहीं आरोपित निरीक्षकों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिली थीं तथा शिकायत पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर दर्ज कराई गई है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।








