गुरला/घुमन्तु दर्पण(बद्री लाल माली)। नौगांवा स्थित माधव गौशाला परिसर के श्री सांवरिया सेठ मंदिर में ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर ठाकुरजी का भगवान जगन्नाथ के स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। अलौकिक सजावट के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।मंदिर में प्रातः मंगला आरती के साथ पट खोले गए। भगवान का श्रृंगार जगन्नाथ मंदिर की परंपरा के अनुरूप किया गया। विशाल नेत्र, लाल-पीले वस्त्र और पुष्पमालाओं से सुसज्जित स्वरूप के साथ भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का भी विशेष श्रृंगार किया गया। दोपहर में 56 भोग अर्पित किए गए तथा हवन, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
मंदिर के पुजारी दीपक प्रकाश ने बताया कि पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ के स्वरूप के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। वहीं ट्रस्टी गोविंद सोडानी ने बताया कि मंदिर की स्थापना वर्ष 2016 में स्वामी माधव दास महाराज के सान्निध्य में हुई थी। तभी से प्रत्येक पूर्णिमा, अमावस्या और प्रमुख पर्वों पर भगवान को देश के विभिन्न प्रसिद्ध तीर्थों के स्वरूप में सजाने की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। अब तक 25 से अधिक स्वरूपों के दर्शन कराए जा चुके हैं।माधव गौशाला में 450 से अधिक गौवंश का पालन किया जाता है। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु गौसेवा करते हुए गौमाता को चारा और गुड़ भी खिलाते हैं। इस अवसर पर भीलवाड़ा शहर सहित कारोई, गुरला, हमीरगढ़, आसींद और शाहपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।








