पाली/घुमन्तु दर्पण(सुरेश पवार)|पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र के बागड़िया गांव से मानवता को झकझोर देने वाला एक क्रूर मामला सामने आया है। यहाँ अपने ससुराल आए एक युवक और उसके दोस्त को ग्रामीणों ने महज शक के आधार पर चोर समझ लिया। इसके बाद दोनों को रातभर रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। सुबह सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक अपने एक दोस्त के साथ देर शाम बागड़िया गांव स्थित अपने ससुराल आया था। रात के समय दोनों युवक गांव में किसी काम से बाहर निकले या घूम रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। बाहरी युवक होने के कारण ग्रामीणों को उन पर शक हो गया।बिना किसी सच्चाई को जाने या उनसे पूछताछ किए, ग्रामीणों ने आपा खो दिया और दोनों को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने उग्र रूप अपनाते हुए दोनों युवकों को रस्सियों से बांध दिया और पूरी रात उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। युवक चिल्लाते रहे, खुद को बेकसूर बताते रहे और अपने ससुराल का हवाला देते रहे, लेकिन भीड़ के सिर पर खून सवार था।

सुबह पहुंची पुलिस, कराया मुक्त
घटना की भनक जब अगली सुबह पुलिस और पीड़ित के परिजनों को लगी, तो हड़कंप मच गया। रोहट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। पुलिस ने दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया,जहां उनका इलाज चल रहा है। दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं।
14 ग्रामीणों पर नामजद मुकदमा
घटना के बाद पीड़ित के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों की तहरीर पर रोहट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कानून हाथ में लेने वाले 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।दूसरी ओर, इस मामले में ग्रामीणों का अपना अलग तर्क है। ग्रामीणों का कहना है कि बागड़िया गांव में पिछले दो महीनों से लगातार चोरियों की वारदातें हो रही थीं, जिससे पूरा गांव परेशान और मुस्तैद था।रात के समय अजनबी युवकों को देखकर उन्हें चोर होने का अंदेशा हुआ, जिसके चलते उन्होंने उन्हें रोका और पूछताछ की। हालांकि, ग्रामीणों का यह तर्क रातभर बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक पीटने के कृत्य को कतई सही नहीं ठहराता।
पुलिस का कहना है किसी भी नागरिक को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि कोई संदिग्ध लगा था, तो ग्रामीणों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। बंधक बनाकर मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।








