बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में चल रहा “पीबीएम सुधारो जनआंदोलन” धरना आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्रसूता महिलाओं को न्याय दिलाने तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग दोहराई।धरना स्थल पर पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, भूदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण कड़वासरा सहित कई कांग्रेस नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाएं मरीजों के स्वास्थ्य अधिकारों को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन शुरू होने के आठ दिन बाद भी प्रशासन द्वारा मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
धरना स्थल से कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग एवं शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं, दवाइयों की कमी, कथित भ्रष्टाचार तथा प्रसूता महिलाओं से जुड़े मामलों पर विस्तृत चर्चा की।प्रतिनिधिमंडल ने सीएम मूंधड़ा मेडिसिन विंग एवं जनाना (गायनिक) विंग को शीघ्र शुरू करने, अस्पताल में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने, सफाई व्यवस्था मजबूत करने, जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सीटी स्कैन, एमआरआई सहित अन्य जांच सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालित करने की मांग रखी। साथ ही बंद पड़े चिकित्सा उपकरणों को चालू कराने, चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा चिकित्सकीय लापरवाही से प्रभावित प्रसूता महिलाओं को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
जिला कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को समस्याओं के समाधान के संबंध में सकारात्मक आश्वासन दिया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में जिला स्तर पर बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी, मंगलाराम गोदारा, लक्ष्मण कड़वासरा, गजेन्द्रसिंह सांखला, मकसूद अहमद सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिला संगठन महासचिव प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि प्रमुख नेताओं के अलावा प्रभुराम बाना, धाई बाना, भगवानाराम जाखड़, पूनमचन्द भाम्भू, शिवदान मेघवाल, शिवलाल गोदारा, रामजस कस्वां, ओमप्रकाश कस्वां, भंवरलाल सारण, मोहनराम लीलड़, गोपाल चावरियां, सुशील कुमार गोदारा, राजकुमार सेन, गोपालराम महिया, बाबूलाल डेलू, फुसाराम ज्याणी, दिनेश मीणा, रामसिंह मेघवाल, कमल गोयल, विनोद, चेननाथ, मालाराम, रामेश्वरलाल मेघवाल, असगर खां, लक्ष्मण नाथ, राधाकिशन ज्याणी, प्रभुसिंह, बीजाराम जाखड़, प्यारेलाल बाना, चरण जीत, विनय कुमार आचार्य, जगदीश शर्मा, भेराराम गोदारा, सहिराम गोदारा, दूर्गाराम गोदारा, दुलाराम गोदारा, मोहनलाल मेघवाल सहित अनेक धरने प्रदर्शन में शामिल रहें।






