बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर शनिवार को बीकानेर स्थित शहीद स्मारक देशभक्ति और शौर्य के रंग में रंगा नजर आया। भारतीय सेना के सेवारत जवानों, पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिजनों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने एकत्र होकर कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।कार्यक्रम के दौरान शहीद स्मारक परिसर तिरंगे की शान और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर कारगिल युद्ध में भाग ले चुके सेवानिवृत्त हवलदार कुलदीप गौतम ने युद्ध के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारतीय सेना ने विषम परिस्थितियों और दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मन का डटकर मुकाबला करते हुए विजय हासिल की। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और रणनीति ने दुश्मन के मंसूबों को पूरी तरह विफल कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि युद्ध के दौरान वे स्वयं गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन मातृभूमि की रक्षा का जज्बा कभी कम नहीं हुआ।
कार्यक्रम में मौजूद सैनिकों ने कहा कि भारतीय सेना आज भी उसी समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हर समय तैयार है तथा किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।समापन पर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के गगनभेदी नारों के बीच पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। शहीद स्मारक पर आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने कारगिल के वीर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और देशसेवा की भावना को और मजबूत किया।






