शाहपुरा/घुमन्तु दर्पण(किशन वैष्णव)। वर्ष 2017 के चर्चित अफीम डोडा चूरा तस्करी मामले में विशिष्ट एनडीपीएस न्यायालय, शाहपुरा ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा ₹1-1 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है।अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने बताया कि वर्ष 2017 में थाना हनुमाननगर के तत्कालीन थानाधिकारी दामोदर प्रसाद पुलिस जाब्ते के साथ मोरला चौराहे पर नाकाबंदी कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध कार की तलाशी लेने पर उसमें से 48.250 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ।
मामले में पुलिस ने आशाराम जाट और हरिंद्र उर्फ हरेन्द्र जाट के खिलाफ एफआईआर संख्या 181/2017 दर्ज कर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/15 के तहत प्रकरण दर्ज किया। अनुसंधान पूरा होने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया गया।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक हितेष शर्मा ने प्रभावी पैरवी करते हुए 23 गवाहों के बयान और 37 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।विशिष्ट एनडीपीएस न्यायाधीश सानिया हाशमी ने दोनों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1,00,000-₹1,00,000 के अर्थदंड से दंडित किया।मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ इसे एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है। यह फैसला प्रभावी पुलिस अनुसंधान और सशक्त अभियोजन की सफलता का भी उदाहरण है।






