पाली/घुमन्तु दर्पण(सुरेश पवार)। पाली जिले के प्रसिद्ध भजन गायक एवं लेखक रमेश माली को भजन गायन और लेखन के क्षेत्र में उनके 33 वर्षों के योगदान के लिए वर्ल्ड कल्चरल एंड एजुकेशन ऑर्गनाइजेशन द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान जोधपुर में आयोजित एक समारोह में फिल्म अभिनेत्री उपासना सिंह और भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नरपत सिंह राजपुरोहित ने प्रदान किया।
आयोजकों के अनुसार देशभर से कला, संस्कृति, सेवा और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली करीब 70 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। रमेश माली भजन गायन और लेखन के क्षेत्र में यह सम्मान प्राप्त करने वाले चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं।रमेश माली को इससे पहले वर्ष 2018 में राष्ट्रीय पुरस्कार तथा 2020 में गुजरात फिल्म एंड टेलीविजन की ओर से बेस्ट सिंगर अवार्ड मिल चुका है। साधारण परिवार से आने वाले माली ने पान की दुकान चलाने के साथ भजन गायन की शुरुआत की थी। खेतलाजी और माताजी पर आधारित उनके सैकड़ों भजन आज भी लोकप्रिय हैं और कई भजन गायक उन्हें गाते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रेस क्लब द्वारा उन्हें राजस्थानी संस्कृति और भजन गायन में योगदान के लिए “मरुधर स्वर सम्राट” की उपाधि भी प्रदान की जा चुकी है। भजन गायन के साथ-साथ रमेश माली विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। मानद डॉक्टरेट मिलने पर संगीत प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।








