वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप जयंती पर उमड़ा राजपूत समाज, निकली भव्य वाहन एवं पदयात्रा रैली

हिन्दुआ सूरज महाराणा प्रताप को शाहपुरा में श्रद्धापूर्वक नमन, प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर लिया आदर्शों पर चलने का संकल्प

शाहपुरा/घुमन्तु दर्पण(किशन वैष्णव)|अमर शूरवीर, हिन्दुआ सूरज, मेवाड़ के गौरव एवं स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती बुधवार को शाहपुरा में राजपूत समाज द्वारा श्रद्धा, उत्साह एवं गौरवपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन एवं युवाजन राजपूत छात्रावास शाहपुरा में एकत्रित हुए, जहां प्रातः 10:15 बजे महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया तथा पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शिरोमणि को नमन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप के चित्र एवं प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान पुष्पेंद्र सिंह राणावत ने महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र, संघर्ष, त्याग, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी भी अपने स्वाभिमान और स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया। उनका जीवन आज भी समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
सुजान क्षत्रिय सेवा संस्थान के अध्यक्ष भगवत सिंह राणावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाराणा प्रताप केवल राजपूत समाज ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
संस्थान के महामंत्री गोवर्धन सिंह राणावत ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, त्याग और आत्मसम्मान का अनुपम उदाहरण है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने संघर्ष का मार्ग चुना और कभी भी पराधीनता स्वीकार नहीं की। उनके आदर्श आज भी हमें सत्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हैं।
इसके पश्चात समाज के वरिष्ठजन एवं युवाजन रैली के रूप में राजपूत छात्रावास से रवाना हुए। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई महाराणा प्रताप सर्किल पहुंची, जहां स्थापित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान समाजजनों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जयघोष लगाए, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं गौरव की भावना से ओतप्रोत हो गया। कार्यक्रम के दौरान समाज के गणमान्य नागरिकों का साफा बंधवाकर सम्मान भी किया गया।
इस अवसर पर सुजान क्षत्रिय सेवा संस्थान के अध्यक्ष भगवत सिंह राणावत, महामंत्री गोवर्धन सिंह राणावत, कोषाध्यक्ष तेजेंद्र सिंह नरूका, पूर्व उप प्रधान बजरंग सिंह राणावत, गोविंद सिंह राणावत, दलेल सिंह कानावत, प्रताप सिंह राणावत, सुरेंद्र सिंह राठौड़, महावीर सिंह राणावत, भगवत सिंह निंबाहेड़ा, सुरेंद्र सिंह कानावत, नरेंद्र सिंह खंगारोत, महावीर सिंह खंगारोत, सत्येंद्र सिंह खंगारोत, बिंटू सिंह राणावत, जोरावर सिंह राणावत, गजेंद्र सिंह सोलंकी, गजेंद्र सिंह भाटी, पर्वत सिंह कानावत, नरपत सिंह राणावत, दौलत सिंह राणावत, पुष्पेंद्र सिंह राणावत, आदित्य वर्धन सिंह राणावत, विजेंद्र पाल सिंह राणावत, विजेंद्र सिंह खंगारोत, आनंद सिंह राठौड़, देवराज सिंह खंगारोत, धन सिंह राणावत, परमजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह कानावत, शैलेंद्र सिंह गौड़, श्याम सिंह कानावत, हिम्मत सिंह राणावत, प्रदीप सिंह राणावत, विक्रम सिंह राठौड़, भेरू सिंह राणावत, कुलदीप सिंह राणावत, शिवराज सिंह खंगारोत सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समाजजनों ने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, राष्ट्रप्रेम और स्वाभिमान के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया तथा समाज में एकता, संगठन और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत बनाने का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

Ghumntu Darpan
Author: Ghumntu Darpan

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें