भक्त प्रहलाद चरित्र, रामावतार ,वामन अवतार और श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भाव-विभोर
अहंकार पतन की सीढ़ी है – आचार्य शक्ति देव जी महाराज
श्री राम-सीता और वासुदेव-बालकृष्ण की झांकियों ने मोहा मन
भीलवाड़ा। संजय कॉलोनी स्थित श्री चारभुजा मंदिर में श्री चारभुजा मंदिर सेवा समिति एवं महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित 26वें पाटोत्सव महोत्सव के तहत चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास आचार्य शक्ति देव जी महाराज ने भक्त प्रहलाद चरित्र, रामावतार, वामन अवतार तथा श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार का मार्ग दिखाती है। भक्त प्रहलाद की अटूट भक्ति, भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन तथा राजा बलि-वामन अवतार की कथा के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति एवं समर्पण का संदेश दिया।

श्रीराम जन्म, सीता-राम विवाह एवं श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग के दौरान प्रस्तुत भजनों और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।आचार्य श्री ने कहा कि अहंकार पतन की सीढ़ी है, जबकि दान आत्मशुद्धि का माध्यम है। कथा के अंत में महाआरती हुई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। समिति के अध्यक्ष जगदीश देवपुरा एवं मंत्री अरविन्द जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।








