बीकानेर/घुंन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम अस्पताल में कथित चिकित्सा लापरवाही, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में चल रहा “पीबीएम अस्पताल सुधारो” धरना-प्रदर्शन रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा।धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि पीबीएम अस्पताल पूरे बीकानेर संभाग के लाखों लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्तमान में गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं, जबकि सरकार और प्रशासन इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं।
भाटी ने डिलीवरी के बाद छह प्रसूताओं की किडनी खराब होने की घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही अस्पताल में कथित भ्रष्टाचार, संसाधनों की कमी और मरीजों को होने वाली परेशानियों को भी प्रमुख मुद्दा बताया।पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार और चिकित्सा विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बदहाल हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीबीएम अस्पताल की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक रूप देगी।
धरने में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार, दोषियों पर कार्रवाई तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।जिला संगठन महासचिव प्रहलाद सिंह मार्शल के अनुसार धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।








