नागौर/घुमन्तु दर्पण(सुशील लोरा)। जिले के हरसोलाव गांव में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिली। हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की दिल छू लेने वाली घटनाएं सामने आई हैंगांव की मुस्लिम बहन के मायरे में हिंदू भाइयों ने पहुंचकर भात भरते हुए सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।गुरुवार को नारधणियों की ढाणी से धर्म पिता रामकिशोर फौजी एवं धर्म भाई राकेश नारधणिया दर्जनों लोगों के साथ हरसोलाव पहुंचे और बहन बाजू (ताहिरा) के मायरे की रस्म निभाई। इस दौरान उन्होंने शादी की तैयारियों में भी हाथ बंटाया। भाभी गुड़िया, संजू, मंजू और विमला सहित परिजनों के साथ हिंदू भाइयों को भात भरते देख मौजूद लोगों ने इस रिश्ते की सराहना की।
जानकारी के अनुसार हरसोलाव निवासी मुस्तकीम राजावत की पत्नी बाजू (ताहिरा) ने करीब सात वर्ष पूर्व नारधणियों की ढाणी निवासी राकेश नारधणिया को धर्म भाई बनाया था। तभी से दोनों परिवारों के बीच आत्मीय रिश्ते बने हुए हैं। बेटी के विवाह अवसर पर धर्म भाई राकेश नारधणिया ने बहन के घर पहुंचकर मायरा भरा और अपने रिश्ते का फर्ज निभाया।इस अवसर पर धर्मेंद्र नारधणिया, राम निवास जांणी, रामेश्वर नारधणिया, मनोज नारधणिया, पूर्व सरपंच कन्हैयालाल गुर्जर सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। राकेश ने बहन के परिवार को 31 हजार रुपये नकद एवं अन्य आवश्यक सामग्री भेंट की।
राम निवास जांणी ने बताया कि हरसोलाव में हिंदू और मुस्लिम समुदाय वर्षों से प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ रहते आ रहे हैं। यहां ऐसा महसूस ही नहीं होता कि किसी दूसरे धर्म के परिवार का मायरा भरा जा रहा है। वहीं बाजू (ताहिरा) ने कहा कि उनके और धर्म भाई के रिश्ते में कभी मजहब आड़े नहीं आया। वह अपने धर्म भाई और भाभी गुड़िया को सगे भाई-भाभी की तरह मानती हैं और दोनों परिवारों के बीच हमेशा आत्मीय संबंध बने रहे हैं।ग्रामीणों ने इस पहल को सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की प्रेरणादायक मिसाल बताते हुए इसकी सराहना की।








