बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)|सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीबीएम में छह प्रसूताओं की तबीयत बिगडऩे के मामले को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को कांग्रेस नेता रामनिवास कूकणा ने पीबीएम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया का घेराव कर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कूकणा ने कहा कि प्रसूताओं की तबीयत बिगडऩे की घटना अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में केवल डॉक्टरों की जांच कमेटी बनाकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, जबकि इन समितियों में शामिल अधिकांश सदस्य चिकित्सक ही होते हैं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराई जाए और जो भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति जिम्मेदार पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।कूकणा ने कहा कि पीबीएम अस्पताल में लगातार व्यवस्थाएं बिगड़ती जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। कूकना ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कब तक जिम्मेदार लोग बचते रहेंगे और आम मरीज इसकी कीमत चुकाते रहेंगे।
कूकणा ने अस्पताल में मरीजों को दवाइयों की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई मरीजों को अस्पताल से दवाइयां नहीं मिल रही हैं और उन्हें बाहर से महंगे दामों पर दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा जांचों के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची भी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच करवाने आने वाले मरीजों को कई-कई दिन बाद का समय दिया जाता है, जिससे गंभीर रोगियों की स्थिति और बिगड़ जाती है, कई बार तो जांच आने से पहले मरीज की जान चली जाती है।अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। कूकना ने कहा कि पीबीएम में मरीजों और उनके परिजनों के मोबाइल, पर्स तथा अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा तक पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं है।
कूकणा ने अस्पताल के आईसीयू और वार्डों की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह एयर कंडीशनर खराब पड़े हैं तथा वार्डों में पंखे तक सुचारू रूप से नहीं चल रहे। भीषण गर्मी के दौर में यह स्थिति मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।
कूकणा ने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया और प्रसूताओं की तबीयत बिगडऩे के मामले में दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पीबीएम बचाओ संघर्ष समिति आंदोलन को और तेज करेगी।








