बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)|भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित सहकार अभियान के अंतर्गत केंद्रीय सहकारी बैंक, बीकानेर एवं उत्तरी राजस्थान सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (उरमूल डेयरी) बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को उरमूल डेयरी सभागार में संयुक्त कैंप का आयोजन किया गया।
कैंप में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को केंद्रीय सहकारी बैंक का सदस्य बनाया गया। साथ ही बैंक में खाते खुलवाने के लिए आवेदन पत्र वितरित किए गए। बैंक मित्र बनाने हेतु अनुबंध करवाए गए तथा माइक्रो एटीएम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सहमति पत्र प्राप्त किए गए।
केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक मोहम्मद फारूक ने बताया कि सहकारी बैंक में खाता खुलवाने पर दुग्ध उत्पादकों को नकद जमा एवं निकासी, आधार लिंकिंग, डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान, त्वरित बैलेंस जानकारी एवं मिनी स्टेटमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा दुग्ध समितियों की साख एवं फुटफॉल में वृद्धि, शून्य जमा खाता सुविधा, पूर्णतः निःशुल्क खाता संचालन, आधुनिक बैंकिंग सेवाएं तथा लॉकर किराए में 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी।
कैंप में बैंक की ओर से अधिशाषी अधिकारी धर्मेन्द्र रेप्सवाल, वरिष्ठ प्रबंधक सत्येन्द्र बिश्नोई, प्रबंधक नागरमल, मानवेन्द्र सिंह एवं प्रिया विश्वकर्मा उपस्थित रहे। वहीं उरमूल डेयरी की ओर से मोहन सिंह चौधरी (प्रभारी), ओम प्रकाश (प्लांट इंचार्ज), अनिल दाधीच (नोडल अधिकारी), अनिल खिचड़ तथा रामलाल (सुपरवाइजर) ने भागीदारी निभाई।
कैंप में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के 50 से अधिक अध्यक्ष एवं सचिव उपस्थित रहे।








