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खतरे में नौनिहालः जर्जर भवन में आंगनबाड़ी केंद्र, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण| गुरला क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुरिया की आंगनबाड़ी केंद्र क्षतिग्रस्त हो गया है। आंगनबाड़ी केंद्र को ऐसी हालत में चलाना कार्यकर्ता और सहायिका की मजबूरी बन गया है। वही जल भराव से नन्हें-नन्हें बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्र पर जाते समय गंदे पानी में गिरने का डर बना रहता है। जिस कारण ग्रामीण अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहते हैं। आंगन बाड़ी केंद्र की जर्जर छत के गिरने से होने वाले बच्चों के हादसे का शिकार होने का खतरा बना रहता है। वहीं भवन इस कदर जर्जर है, कि कभी भी कोई भी दुर्घटना हो सकती है। आंगन बाड़ी केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जर्जर भवन में कभी भी हादसे का शिकार हो सकता हैं। प्रदेश सरकार के छोटे-छोटे बच्चों के अच्छे विकास, पोषण और आरंभिक शिक्षा के पीछे बहुत बड़े पैमाने पर पैसे बहा रही है। इस काम के लिए कई योजनाएं भी चलाई जा रहीं हैं। ऐसे में बहुत सारे आंगनबाड़ी तो सुचारु रूप से संचालित होते हैं, लेकिन कई ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र भी हैं, जिनकी स्थिति देखकर प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लग जाते है।वहीं ग्राम पंचायत रामपुरिया के वार्ड नं 7 गुर्जर मोहल्ला राजपुरा के आंगन बाडी केंद्र भी उन्हीं में से एक है, जो अव्यवस्थाओं की मार झेल रहा है, जिस भवन में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहा है। वह खंडहर में तब्दील हो चुका है। आंगनबाड़ी केंद्र का भवन जर्जर हो चुका है। इसके बाद भी इस भवन में आंगनबाड़ी चल रही है। इस भवन की छत और दीवारों में मोटी-मोटी दरारें आ गई हैं। इससे दीवारें कमजोर पड़ने लगी हैं।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राधा गुर्जर आशा सहायिका सीता देवी सेन ने बताया कि बारिश के मौसम में इसकी हालत और भी खराब हो जाती है। भवन की छत टपकती है। फर्श पर पानी भी जमा हो जाता है। ऐसी हालत में केन्द्र का सुचारू रूप से संचालन कर पाना अपने आप में एक चुनौती हो जाती है। वही बारिश के समय छत से पानी टपकने के कारण आंगनवाड़ी मे रखा सामान और कॉपी किताबें भीग जाती है।

Ghumntu Darpan
Author: Ghumntu Darpan

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