बीकानेर\घुमन्तु दर्पण| झाबर सिंह खर्रा ने बीकानेर शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शहर में कहीं भी कचरे का ढेर नजर नहीं आना चाहिए। तकनीकी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और नालों की सफाई समय पर हो ताकि आमजन को सीवरेज व ड्रेनेज की समस्या का सामना न करना पड़े।
बुधवार को सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री खर्रा ने नगर निगम, बीडीए और आवासन मंडल के अधिकारियों से विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने आमजन से प्राप्त शिकायतों का सात दिन में निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही बीडीए की नई बिल्डिंग शहर से दूर बनाए जाने को लेकर विधायकों की आपत्ति पर निर्माण कार्य तत्काल रोकने और नए स्थान के चयन के लिए संयुक्त निरीक्षण करने को कहा।
बैठक में अमृत योजना के तहत 265 करोड़ रुपये के विकास कार्यों में देरी पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने टेक्नोक्रेट कंपनी द्वारा तय समय सीमा के बावजूद केवल 70 प्रतिशत कार्य पूरा करने पर पेनल्टी प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। वहीं सीवरेज कार्यों की जांच के लिए जयपुर से नई निरीक्षण टीम भेजने की बात भी कही।
मंत्री खर्रा ने शिवबाड़ी और करमीसर ग्राम पंचायतों में फर्जी पट्टों की जांच, अतिक्रमण हटाने, अवैध कचरा डालने वाली जगहों पर सीसीटीवी लगाने और कचरा उठाने वाले वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। इसके अलावा आवासन मंडल क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन करने वालों पर कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में सिद्धि कुमारी, जेठानंद व्यास, डॉ विश्वनाथ मेघवाल, ताराचंद सारस्वत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।








