ड्यूटी कटवाकर रिश्तेदार की पुत्रवधू के चुनाव प्रचार में जुटने का आरोप, प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता ने पेश किए दस्तावेज
बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। पंचायत चुनाव में निष्पक्षता और चुनाव आचार संहिता के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कोलायत विधानसभा क्षेत्र की कोटड़ा और नाइयों की बस्ती ग्राम पंचायतों में सरकारी कर्मचारियों पर प्रत्याशियों के पक्ष में खुलेआम चुनाव प्रचार करने, मतदाताओं को प्रभावित करने तथा शराब और रुपये बांटने के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय समरदा, पूगल के उप प्रधानाचार्य राजेन्द्र मेघवाल पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवा में रहते हुए कोटड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव के दौरान खुलकर एक प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार किया। आरोप है कि उन्होंने चुनाव ड्यूटी कटवाकर अपने भाई की पुत्रवधू के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि राजेन्द्र मेघवाल ने कोटड़ा की नवनिर्वाचित सरपंच सुनीता मेघवाल का नाम ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में जुड़वाया, जबकि वह वहां की निवासी नहीं थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
बीएलओ पर भी पद के दुरुपयोग का आरोप
जिला निर्वाचन अधिकारी को ओमप्रकाश सैन की ओर से दी गई शिकायत में ग्राम पंचायत चांडासर के रोजगार सहायक एवं वर्तमान बीएलओ गणेशाराम सारण पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने अपनी निर्धारित ड्यूटी चांडासर में करने के बजाय नाइयों की बस्ती में चुनावी गतिविधियों में भाग लिया। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चुनाव में तैनात कार्मिकों को प्रभावित किया और एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए मतदाताओं पर दबाव बनाया।
शराब और रुपये बांटने के भी आरोप
शिकायतकर्ता ओमप्रकाश सैन ने आरोप लगाया कि दोनों सरकारी कर्मचारियों ने कोटड़ा और नाइयों की बस्ती में अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को जिताने के लिए मतदाताओं को रुपये और शराब बांटी। इस संबंध में सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल होने का भी दावा किया गया है। शिकायत में राजेन्द्र मेघवाल की एक शराब की दुकान पर बैठे होने की तस्वीर का हवाला देते हुए मामले की जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही कॉल डिटेल की जांच करवाने की मांग भी उठाई गई है।
बज्जू खालसा में लगी थी चुनाव ड्यूटी
शिकायत में बताया गया है कि द्वितीय चरण के मतदान के दौरान राजेन्द्र मेघवाल की ड्यूटी बज्जू खालसा में लगाई गई थी, लेकिन कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव और अधिकारियों से सांठगांठ के चलते उन्होंने अपनी ड्यूटी हटवा ली और चुनाव प्रचार में सक्रिय रहे। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी को दस्तावेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध करवाए गए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चुनाव कार्यालय और प्रचार सामग्री में भी भूमिका का दावा
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कोटड़ा और कोडमदेसर में सरपंच प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की पूरी रणनीति राजेन्द्र मेघवाल ने तैयार की थी। सुनीता मेघवाल का चुनाव कार्यालय खुलवाने से लेकर होर्डिंग, पोस्टर और प्रचार पेम्पलेट तक में उनकी भूमिका रही। प्रचार सामग्री पर भी उनका नाम दर्ज होने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मतदान से पहले दो सरपंच प्रत्याशियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित शिकायत दी थी, इसके बावजूद कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई। मतदान के दौरान कोडमदेसर स्थित शराब की दुकान पर बैठकर मतदाताओं को शराब बांटने और सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार से जुड़ी तस्वीरें प्रसारित करवाने के आरोप भी लगाए गए हैं।शिकायत में राजेन्द्र मेघवाल की पूर्व में पंचायत समिति और जिला परिषद से जुड़े प्रशासनिक कार्यों, टेंडर प्रक्रिया तथा सरकारी कर्मचारियों के साथ लेनदेन में कथित भूमिका की भी जांच करवाने की मांग की गई है।
अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
मामले को लेकर शिकायतकर्ता पक्ष ने प्रेस वार्ता कर दस्तावेज और अन्य साक्ष्य उपलब्ध करवाने का दावा किया है। अब इन गंभीर आरोपों पर जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग की जांच तथा कार्रवाई का इंतजार है। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों का पक्ष और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







