नोखा/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण की प्रेरणा से नोखा स्थित तेरापंथ भवन में धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उपासक सुरेश बाफणा और उपासक कांतीभाई मेहता के निर्देशन में प्रवचन, तत्वचर्चा, तपस्या और विभिन्न धार्मिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं।प्रवचन के दौरान उपासक सुरेश बाफणा ने कहा कि हिंसा से कभी धर्म संभव नहीं हो सकता, अहिंसा ही धर्म का मूल आधार है। उन्होंने संयमित जीवन, क्रोध पर नियंत्रण और समय के सदुपयोग का संदेश देते हुए कहा कि तेरापंथ धर्मसंघ अपनी अनुशासित परंपरा के कारण विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि सुबह, दोपहर और रात्रि में नियमित धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वहीं, उपासक कांतीभाई मेहता ने गीतिका के माध्यम से श्रद्धालुओं को छल-कपट से दूर रहकर सरल और सहज जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने आचार्य भिक्षु के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए दान, जप, पाप और धर्म की विस्तृत व्याख्या की।इसी बीच सोमवार को लाडनूं में आचार्य महाश्रमण द्वारा अपने सुशिष्य मुनि महावीर कुमार को युवाचार्य पद की चादर ओढ़ाने का समाचार नोखा पहुंचते ही तेरापंथ समाज में उत्साह का माहौल बन गया। तेरापंथ सभा अध्यक्ष शुभकरण चोरड़िया ने इसे धर्मसंघ के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायी निर्णय बताते हुए कहा कि युवाचार्य महावीर कुमार के नेतृत्व में तेरापंथ समाज नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।युवाचार्य पद की घोषणा पर तेरापंथ सभा, महिला मंडल, युवक परिषद और कन्या मंडल सहित समाज के विभिन्न संगठनों ने आचार्य महाश्रमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए युवाचार्य महावीर कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।








