भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। राजस्थान के कोविड स्वास्थ्य सहायकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। पिछले 15 महीनों से बजट घोषणा के क्रियान्वयन का इंतजार कर रहे संविदा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि 5 अगस्त तक उनकी मांगों पर लिखित निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के कोविड स्वास्थ्य सहायक दिल्ली के जंतर-मंतर पर महापड़ाव डालेंगे।कोविड स्वास्थ्य सहायक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरसिंह बारसोटा ने मुख्यमंत्री के नाम मेल मुहिम के माध्यम से ज्ञापन भेजकर जल्द निर्णय की मांग की है। इसके साथ ही प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गायत्री राठौर तथा अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) राकेश शर्मा के माध्यम से भी सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई गई हैं।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से कोविड स्वास्थ्य सहायक लगातार धरना-प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान और मेल मुहिम के जरिए अपनी मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य सहायकों को अब तक बजट घोषणा का लाभ नहीं मिला है।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि 5 अगस्त तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं आया, तो पूरे प्रदेश के कोविड स्वास्थ्य सहायक दिल्ली कूच कर जंतर-मंतर पर महापड़ाव शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि आंदोलन के दौरान किसी कर्मचारी के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना या नुकसान होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी राजस्थान सरकार, संबंधित मंत्रियों और जिम्मेदार अधिकारियों की होगी।




