भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। माधवनगर स्थित शिव मंदिर की सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण और निर्माण विवाद के मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया। सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट (पश्चिम) ने मामले की सुनवाई करते हुए विवादित स्थल पर फिलहाल “यथास्थिति” (Status Quo) बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं।
मामला जैन दिवाकर संस्थान (जैन दिवाकर धाम) से जुड़ी भूमि को लेकर चल रहा है। इससे पहले नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने अतिक्रमण के आरोपों के चलते 23 अप्रैल 2026 को जैन दिवाकर धाम को सील कर कार्रवाई की थी। यूआईटी ने सीजिंग की प्रक्रिया के बाद विवादित जमीन का कब्जा भी अपने अधीन ले लिया था।
अब न्यायालय के ताजा आदेश के बाद यूआईटी को उक्त संपत्ति पर वर्तमान स्थिति बनाए रखनी होगी। कोर्ट के आदेश का सीधा अर्थ यह है कि फिलहाल सीजिंग की कार्रवाई यथावत रहेगी और विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण, बदलाव या हस्तक्षेप नहीं किया जा सकेगा।
इस फैसले के बाद मामले को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आगामी सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।







