नागौर/घुमन्तु दर्पण(चंद्रशेखर सारस्वत)। क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने ग्राम पंचायत नृसिंह बासनी के वार्ड नंबर 9 में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब दो फीट तक पानी भर जाने से पूरा वार्ड जलमग्न हो गया। घरों, गलियों और सड़कों पर जलभराव होने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया, जबकि स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र में भी बारिश का पानी घुसने से बच्चों की सुरक्षा और पोषण कार्यक्रम प्रभावित हुए।
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या केवल भारी बारिश की नहीं, बल्कि हाईवे निर्माण के दौरान वर्षा जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं किए जाने का परिणाम है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के समय नाले तो बनाए गए, लेकिन पानी की निकासी का समुचित प्रबंध नहीं होने से बारिश का पानी वार्ड की ओर लौट आता है और पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है।जलभराव के कारण कई स्थानों पर सड़क और नालियों का अंतर समाप्त हो गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ मलेरिया, डेंगू और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी चिंता जताई कि पानी के बीच खड़े बिजली के खंभों से करंट फैलने का खतरा बना हुआ है। समय रहते पानी की निकासी नहीं होने पर किसी बड़े हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने, आंगनबाड़ी केंद्र को सुरक्षित कराने तथा हाईवे निर्माण में बरती गई लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है|








