भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। जिले के एक सरकारी विद्यालय में शिक्षक पर 17 वर्षीय छात्रा को कॉपी देने के बहाने अकेले कमरे में बुलाने का आरोप लगने के बाद मामला तूल पकड़ गया। घटना से सहमी छात्रा अगले दिन स्कूल नहीं पहुंची। जब उसने परिजनों को पूरी घटना बताई तो शनिवार को परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद मामला शांत कराया।
छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे संबंधित शिक्षक उनकी कक्षा में कॉपियां जांचने आए थे। सभी विद्यार्थियों की कॉपियां वापस कर दी गईं, लेकिन उसकी कॉपी अपने पास रख ली। छात्रा का आरोप है कि शिक्षक ने उससे कहा कि वह अकेले कमरे में आए, तभी उसकी कॉपी लौटाई जाएगी।
शिकायत के अनुसार छात्रा अपनी दो सहपाठी छात्राओं के साथ कॉपी लेने पहुंची, लेकिन शिक्षक ने फिर उसे अकेले आने के लिए कहा। इससे घबराकर छात्रा बिना कॉपी लिए ही घर लौट गई। घटना के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गई और अगले दिन स्कूल भी नहीं गई।परिजनों ने बताया कि बच्ची को डरा-सहमा देखकर उन्होंने कारण पूछा, तब उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है तथा संबंधित शिक्षक का मुख्यालय भी बदल दिया गया है। वहीं थाना पुलिस ने छात्रा की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उधर, आरोपी शिक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है।








