भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। निजी लग्जरी और स्लीपर बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार देर रात बड़ा औचक जांच अभियान चलाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एक निजी ट्रैवल बस को मौके पर ही सीज कर दिया गया। इस कार्रवाई से शहर के निजी बस संचालकों और ट्रैवल एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
आधी रात तक चला जांच अभियान
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य स्वयं परिवहन विभाग की टीम के साथ होटल लैंडमार्क के पास पहुंचीं। यहां गुजरने वाली निजी ट्रैवल बसों की सघन जांच की गई।निरीक्षण के दौरान बसों में इमरजेंसी गेट, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा उपकरणों और अन्य आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। एक निजी बस निर्धारित सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सकी। इस पर सचिव रश्मि आर्य के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी रामकृष्ण चौधरी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस को सीज करने के आदेश दिए।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही बदले रास्ते
अभियान की जानकारी मिलते ही कई निजी बस संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ बस चालकों ने मुख्य मार्गों के बजाय वैकल्पिक और ग्रामीण रास्तों का सहारा लिया। इसका असर होटल लैंडमार्क क्षेत्र में भी दिखाई दिया, जहां सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम बसें नजर आईं।
यात्रियों के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था
बस सीज होने से उसमें सवार यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बस संचालक को तत्काल दूसरी बस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
परिवहन विभाग की सख्त चेतावनी
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी निजी बस संचालकों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें, क्योंकि भविष्य में भी किसी भी समय और किसी भी स्थान पर औचक निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








