आसींद/घुमन्तु दर्पण(भीलवाड़ा)।जहाँ अधिकांश लोग सांप का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं और किसी आपदा के समय अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, वहीं भीलवाड़ा जिले के आसींद के युवा आसिफ मोहम्मद शेख अपनी बहादुरी, निस्वार्थ सेवा और पर्यावरण संरक्षण के जज्बे से क्षेत्र में अलग पहचान बना चुके हैं। लोग उन्हें प्यार से ‘स्नेक मैन’ के नाम से जानते हैं। बीते तीन वर्षों से वे न केवल हजारों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुके हैं, बल्कि संकट की घड़ी में इंसानी जान बचाकर भी मिसाल कायम की है।
बाढ़ में गर्भवती महिला को दिया नया जीवन
आसिफ की बहादुरी केवल सांपों के रेस्क्यू तक सीमित नहीं है। वर्ष 2025 में आसींद की खारी नदी में आई बाढ़ के दौरान तेज बहाव में एक गर्भवती महिला बह गई थी। घटनास्थल पर मौजूद लोग असहाय होकर देखते रहे, लेकिन आसिफ ने बिना अपनी जान की परवाह किए उफनती नदी में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत और अदम्य साहस का परिचय देते हुए उन्होंने महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। इस साहसिक कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना हुई और लोगों ने उन्हें वास्तविक हीरो बताया।
तीन वर्षों में 2000 से अधिक सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू
आसिफ पिछले तीन वर्षों से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। वे अब तक 2,000 से अधिक जहरीले और गैर-जहरीले सांपों, जिनमें कोबरा, कॉमन करैत, धामण और रैट स्नेक जैसी प्रजातियाँ शामिल हैं, का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ चुके हैं। उनकी इस निस्वार्थ सेवा और समर्पण को देखते हुए 26 जनवरी को आयोजित उपखंड स्तरीय समारोह में उन्हें सम्मानित भी किया गया।
“सांप दुश्मन नहीं, प्रकृति के रक्षक हैं”
आसिफ का कहना है कि सांपों को देखकर घबराने या उन्हें मारने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए। उनके अनुसार, सांप खेतों में फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले चूहों जैसे जीवों की संख्या नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आसिफ कहते हैं,
“सांप प्रकृति का अहम हिस्सा हैं। उन्हें मारने से समस्या खत्म नहीं होती, बल्कि पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है। मेरी कोशिश रहती है कि गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करूँ ताकि वे सांपों से डरने के बजाय सही जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लें।”
इंसानियत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
आसिफ मोहम्मद शेख का मानना है कि जागरूकता, वैज्ञानिक सोच और साहस के माध्यम से इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। चाहे किसी घर में निकले सांप का सुरक्षित रेस्क्यू करना हो या बाढ़ में फँसे व्यक्ति की जान बचानी हो, वे हर चुनौती को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानते हैं।आज आसींद ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आसिफ मोहम्मद शेख युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा यह संदेश देती है कि सच्ची बहादुरी केवल जोखिम उठाने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन और प्रकृति की रक्षा के लिए निस्वार्थ भाव से आगे आने में है।








