बीकानेर/घुमन्तु दर्पण(सुरेश जैन)। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीकानेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी गिरोह के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ उपलब्ध कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त कार्रवाई जेएनवीसी थाना और साइबर थाना पुलिस की टीम ने की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, नौ सिम कार्ड, तीन बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, आठ एटीएम कार्ड, चार आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड तथा ठगी में प्रयुक्त एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों में अब तक करीब 68 लाख रुपये की साइबर ठगी की राशि जमा करवाई जा चुकी है। इनके विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज हैं।पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन तथा रेंज आईजी ओमप्रकाश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर चक्रवर्ती सिंह राठौड़ और सीओ सदर अनुष्ठा कालिया के सुपरविजन में साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज, जेएनवीसी थानाधिकारी विक्रम तिवारी और संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामस्वरूप (20) निवासी लालमदेसर बड़ा, मुन्नीराम (21) निवासी तेजरासर तथा सीताराम (20) निवासी लालमदेसर बड़ा के रूप में हुई है।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले मुख्य गिरोह के संपर्क में रहते थे। गिरोह ऑनलाइन ठगी की रकम इन आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में ट्रांसफर करवाता था। इसके बाद आरोपी निर्देशानुसार राशि अन्य खातों में भेज देते थे और बदले में लगभग 10 प्रतिशत कमीशन प्राप्त करते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब छह महीनों से बीकानेर को अपना ठिकाना बनाकर इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जब्त मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस अब टेलीग्राम ग्रुप संचालित करने वाले मुख्य साइबर ठगी गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है तथा संबंधित बैंक खातों में जमा राशि फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।








